Holy Scriptures

Sunday, 10 February 2019



हमारे शास्त्र और सतभक्ति

कबीर अक्षर पुरुष एक पेड़  हैं, क्षर पुरुष वाकी डार। 
तीनों देवा शाखा हैं पात रूप संसार। 
कबीर हम ही अलख अल्लाह है मूल रूप संसार। 
अनन्त कोटि ब्रह्माण्डो का मैं ही सिरजनहार।👇👇

अर्थात् कबीर परमेश्वर ने गीता अध्याय 15 को इन उपरोक्त दोनों दोहां में बता दिया है। कहा है कि संसार रूप एक वृक्ष है। इसकी मूल  तों मैं हूँ यानि परम अक्षर पुरुष है तथा तना अक्षर पुरुष है| उस तने से अनेको मोटी डार निकलती हैं। उनमें से एक डार   क्षर पुरूष है, उस मोटी डार को लगी तीन शाखाओं को रजुगन ब्रह्मा, सतगुण विष्णु और तमगुण शिव जानो| उस शाखा को लगे पते संसार के प्राणी जानो, देखे संसार वृक्ष का चित्र देखें:👇👇


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