Holy Scriptures

Monday, 11 February 2019



हमारे शास्त्र और सतभक्ति




1. व्रत करना गीता अनुसार कैसा है???


परमेश्वर जिंदा साधु के रूप मैं बोले की हे धर्मदास आप एकादशी का व्रत करते हो श्रीमद्भगवत गीता अध्याय 6 श्लोक 16 में मना किया है किया हे अर्जुन यह योग भक्ति ने तो अधिक खाने वाले का और नहीं बिल्कुल न खाने वाले का अर्थात यह भक्ति न ही व्रत रखने वाले न अधिक सोने वाले की तथा न अधिक जागने वाले की सफल होता है इस श्लोक में व्रत रखना पूर्ण रूप से मना है देखें अपनी गीता खोलकर धर्मदास जी को गीता के श्लोक याद भी थे क्योंकि प्रतिदिन पाठ किया करता था फिर भी सोचा कि कहीं जिंदा संत नाराज न हो जाए इसलिए गीता खोलकर अध्याय 6 श्लोक 16 पड़ा तथा स्वीकारा कि आपनेे मेरी आंखें खोल दी जिंदा आप तो परमात्मा स्वरूप लगते हो







2. श्राद्ध पिण्डदान गीता अनुसार कैसा है???

आप श्राद्ध व पिण्डदान करते हो गीता अध्याय 9 श्लोक 25 में स्पष्ट किया है की भूत पूजने वाले भूतों को प्राप्त होंगे और श्राद्ध करना पिंण्डदान करना यह भूत पूजा है यह व्यर्थ साधना है




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