तंबाकू से हानि
संत गरीबदास जी ने कहा है कि तमा+खू = तमाखू
खू नाम खून का तमा गाय सौ बार सौगंध इसे न पीयें खाय
फारसी भाषा में तमा गाय को कहते हैं खू= खून यानी रकत को कहते हैं यह तमाखू गाय के रकत से उपजा है इसके ऊपर गाय के बाल जैसे रोम जैसे होते हैं हे मानव तेरे को सौ बार सौगंध है कि इस तंबाखू का सेवन किसी रूप में भी मत कर
संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा लेने से ही जो पहले नशा करते थे व्यक्ति वह नशा छोड़ देते हैं कितना ही नशा करते हो चाहे जैसे शराब गांजा अफीम हीरोइन कोई भी नशा संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा लेने मात्र से ही छूट जाता है अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखें साधना चैनल पर शाम 7:30 से लेकर 8:30 तक
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