सच्चा भगवान यानी पूर्ण परमात्मा वही है जिसकी शरण में जाने से हमें इस लोक में सुख मिले व मोक्ष की प्राप्ति हो
श्रीमद भगवत गीता अध्याय 18 श्लोक 66 में श्री कृष्ण अर्जुन को परमात्मा की शरण में जानेको कह रहे हैं पूर्ण परमात्मा की शरण में जाने से ही सुख व मोक्ष की प्राप्ति होती हैं वह पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब की ह
परमात्मा साकार है
वेद प्रमाणित करते हैं कबीर साहिब भगवान हैं पूर्ण परमात्मा कबीर देव कबीर परमेश्वर तीसरे मुक्तिधाम अर्थात सतलोक में रहता है ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 96 मंत्र 18 में प्रमाण है
यजुर्वेद अध्याय 4 मंत्र 15 में प्रमाण मिलता है कि परमात्मा साकार है शरीर है
पवित्र बाइबल में भी परमात्मा सरकार का प्रमाण है पृष्ठ नंबर 2 पर 26 व 27 मैं प्रमाण है कि परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार बनाया इससे परमेश्वर साकार सिद्ध होता है
कुरान शरीफ में प्रमाण है कुरान शरीफ सूरत फुरकान 25 आयत 59 में प्रमाण है कि कबीर अल्लाह ने 6 दिन में सृष्टि रची और 7 वे दिन तक सिहासन पर जा विराजा इससे सिद्ध हुआ परमात्मा साकार है
पूर्ण परमात्मा की पहचान-
वेदों के अनुसार -
वेदों में बताया गया है कि वह कान्तिमय परमात्मा 3 प्रकार के शरीर धारण करता है।
वह सौम्य स्वभाव परमात्मा अपने निज लोक में विराजमान हैं जिसमें उनके एक रोम कूप का प्रकाश करोड़ों सूरज के समान है।
2 वह सौम्य पुरुष सशरीर धरती पर आते हैं और नवजात शिशु का रूप धारण कर लीला करते हैं।बालपन में उनकी परवरिश कुंआरी गायों से होती है।
3 वह पुरुष किसी भी स्थान पर प्रकट होकर अपने दृढ़ भक्तों को मिलते हैं।
प्रमाण सहित सिद्ध होता है कि सच्चा भगवान कबीर परमेश्वर जी हैं
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